Friday, August 10, 2018

सम्मान से अभिभूत हो बोले-'मेरे बादशाही काम को आज मिला मुकाम'

सम्मान से अभिभूत मुरादाबाद के 62 वर्षीय दिलशाद हुसैन कहते हैं- कभी नहीं सोचा था कि मुझ जैसे दस्तकार की कला को राष्ट्रपति सराहेंगे। मेरे बादशाही काम को मुकाम मिल गया है।

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