Sunday, July 1, 2018

तहजीब और अदब का शहर लखनऊ

भारतीय शास्त्रीय नृत्य ‘कत्थक’ को लखनऊ में एक नया रुप मिला। अवध के अंतिम नबाब वाजिद अली शाह कत्थक के आश्रयदाता तथा उस्ताद थे। लच्छू महाराज, बिरजू महाराज, अच्छन महाराज और शंभू महाराज ने इस परंपरा को जीवित बनाए रखा है।

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